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Spread Happiness on this Holi

इस होली खुशियाँ बिखेरें होली का त्यौहार  आते ही बाजारों में रौनक छा जाती है। हर ओर सिर्फ रंग और पिचकारी की ही दुकानें  दिखाई देती है। कहते है की त्यौहार खुशियां लेकर आते है  पर  गरीबों के लिए ये त्यौहार सिर्फ उन्हें नीचा  दिखाने के लिए आते हैं। जिनके पास खाने  को दो  वक़्त  की रोटी न हो वह त्यौहार कैसे मनाएंगे। हम तो बस अपने और अपने परिवारवालों के खुशियों के बारे में सोचते है , कभी आप खुद को उनकी जगह पर रख कर देखिये आप अंदाज़ा नहीं लगा सकते की आपको कितना दुख होगा। इतने दुःख सहने की  बाद भी न  जाने वो लोग कैसे मुस्करा लेते हैं ? न जाने इतनी हिम्मत उन्हें कौन देता है ? अमीर लोग लाखों पैसे उड़ाते है पर  गरीबों के बारे में  कोई नहीं  सोचता है। आप के एक कदम से कई बच्चें खुश हो सकेंगे। आप जितना हो सके उतना खुशियां बाँटें। आप के एक सजोते से प्रयास से किसी एक भी चेहरे पर मुस्कान आ गयी तो जरा सोचिये वो आपको कितनी दुआएँ देंगे वो दुआ अमूल्य होगी। अपने बारे में तो सभी सोचते है इस बार दूसरों के बारें में भी सो...

Necessity of Proper Time Management

उचित समय प्रबंधन की आवश्यकता समय का पहिया निरंतर घूमता ही रहता है समय किसी का इंतज़ार नहीं करता। जिस प्रकार हाथ से फिसलती रेत को रोकना नामुमकिन है ठीक उसी प्रकार गुजरते समय को रोकना भी नामुमकिन है। समय किसी के लिए नहीं रुकता। अक्सर लोग समय न होने का रोना रोया करते हैं पर सच तो ये है कई लोगों को समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) आता ही नहीं है | समय तो सबके पास 24 घंटे का ही होता है परन्तु कोई उस समय को सदुपयोग कर ले जाता है और कोई नहीं कर पाता है | कुछ लोग पूरा दिन व्यस्त रह कर भी अपने काम नहीं पूरे कर पाते और कुछ लोग उसी समय का सदुपयोग कर के सफलता के शिखर पर पहुंच जाते हैं अक्सर युवा व्यर्थ कामों में अपना समय लगा कर महत्वपूर्ण कार्य को अनदेखा करते हैं। समय प्रबंधन कोई बहुत बड़ी कला नहीं है जिसे आप सीख न सके। कुछ कारगर उपाय सबसे पहले यह देखें कि आप कहां टाइम वेस्ट कर रहे हैं। जैसे चेटिंग, फेसबुक, ई-मेल या टीवी वगैरह। इन कामों का समय निर्धारित कर आप काफी टाइम बचा सकते हैं। प्राथमिकताएं तय कीजिए। जो काम जरूरी है उसे अभी ‍कीजिए और जो बाद में किया जा सकता है, उसके लिए समय ...

When this terrorism will end ?

ये आतंकवाद कब खत्म  होगा ? भारत की एकता, अखंडता एवं सम्प्रुभता ही इसकी शान है। इस भारत देश को सुरक्षित रखने के  लिए न जाने कितने ही लोग शहीद हुए न जाने कितने ही लोगों ने अपने प्राण त्याग  दिए। देश की इन बहादुरों के वजह से ही हम महफूज है। हाल ही में हुए पुलवामा अटैक में हमारे देश के 42 सी. आ. र. पी. एफ. जवान शहीद हुए । इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया । पूरे देश ने जवानों को श्रद्धांजलि दी और पूरा देश एकजुट हो गया । आतंकवादी कब तक हमारे देश के खिलाफ ऐसा कायरतापूर्ण हरकतें करते रहेंगे । आखिर कब तक ऐसा ही चलता रहेगा । कब तक हमारे देश के जवान यूँ ही शहीद होते रहेंगे। कब वो माहौल आएगा की हमारे देश के लोग बिना खौफ के जी  सकें और बॉर्डर पर खड़े हमारे जवान भी सुरक्षित रहें। हमारा पड़ोसी देश कब तक ऐसा हरकतें करते रहेगा। अब शांति से कुछ नहीं होने वाला है। भारत ने हमेशा ही शांति से बात सुलझाने की कोशिश की है। वो कहते हैं न की " लातों के भूत  बातों से नहीं मानते " वैसे ही हमारे पड़ोसी देश को भी विश्व से अलग - थलग करना होगा।पाकिस्तान पर दबाव बनाना होगा जिस...

Exam results will not matter in your life

 परीक्षा परिणाम असल जीवन में मायने नहीं रखते  नमस्कार मित्रों आज ये पोस्ट उन सभी लोगों  के लिए है जो परीक्षा परिणाम को लेकर चिंतिंत रहते है। अक्सर हमारे माता-पिता , अध्यापक हम पर दबाव बनाते है की हम परीक्षा में प्रथम आये।  परन्तु क्या स्कूल या कॉलेज लाइफ में प्रथम आने वाले बच्चें असल जिंदगी में भी सफल होते हैं ? जी नहीं ऐसा बिलकुल नहीं है की जो बच्चे स्कूल या कॉलेज लाइफ में प्रथम आते है वो असल जिंदगी में भी सफल हो इस बात की कोई गारंटी नहीं है। असल जिंदगी में आपके परीक्षा में कितने अंक आये ये आपसे कोई नहीं पूछेगा। जिंदगी के इम्तेहान में ये मायने नहीं रखता की आप स्कूल या कॉलेज लाइफ में प्रथम आते थे नहीं, पर इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है की आप मेहनत करना छोड़ दे आपको अपनी तरफ से पूरा प्रयास करना होगा। बस आपको अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़नी है। क्या करें हमें यह याद रखना  चाहिए की हम जो भी काम करे उसे पूरी श्रद्धा से करें।  यदि आप किसी परीक्षा में सफल नहीं हुए तो इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है की आगे भी आप असफल होंगे। आज हमारे सामने...

Patience is the key of Success

धैर्य सफलता की कुंजी है अक्सर हम जीवन की परिस्तिथियों से हार कर घुटने टेक लेते हैं। कभी-कभी हमारा मनोबल इतना गिर जाता है की हमें  हर ओर सिर्फ निराशा ही दिखाई देती है।आज के वक़्त में हमारे पास धैर्य के बहुत कमी है, जमाना भी वही है इंस्टेंट चीजों का, लेकिन असली मजा तो धैर्य रखने में होता है हमे हर चीज तुरंत चाहिए होती है इंतजार करना तो हमने सीखा ही नहीं है। आपने महसूस किया होगा कि जैसे ही हमारा मन धैर्य की नींव पर टिक जाता है, वैसे ही उसका भटकाव खत्म हो जाता है। जाहिर है कि हम जो अपना आन्तरिक संतुल खोते हैं, वह इसलिए खोते हैं, क्योंकि हमारा मन भटक जाता है।  हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हमारे धैर्य का सीधा संबंध न केवल हृदय और मन से ही होता है, बल्कि हमारी चेतना से भी होता है। आपने महसूस किया होगा कि यदि आप हड़बड़ी में पढ़ाई करते हैं, तो चीज़ें अच्छी तरह समझ में नहीं आतीं। आपका अनुभव रहा होगा कि हड़बड़ी में किये गये काम अक्सर गड़बड़ा जाते हैं क्योंकि वो कहते है न की " जल्दी का काम शैतान का " । किसी काम को करने में चाहे कितना भी वक़्त लगे पर उसे हमेशा ...

The biggest disease - What people will say ?

सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग ? हम अपने जीवन में खुद से ज्यादा दूसरों के बारे में सोचते है। हमारे ज्यादातर फैसले इस बात पर निर्भर करते है की लोग क्या कहेंगे ? यदि हम दूसरों  के बारे  खुद के बारे में  सोचे तो ज्यादा खुश रह  सकेंगे। कई बार हम अपने सपने या शौक यही सोच कर छोड़ देते है की लोग सुनेंगे तो क्या कहेंगे ? हमारे जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम कोई काम शुरू करने से पहले ही इस असमंजस या दुविधा में पड़ जाते हैं कि हमारे काम की दशा, दिशा, मार्ग, सफलता या असफलता पर लोगों की प्रतिक्रिया क्या होगी। ऐसे में तयशुदा लक्ष्य व उसकी प्राप्ति के मार्ग से भटक जाना हमारी नियति बन जाती है।   ईश्वर ने हमें  एक पूरी स्वतंत्र इकाई के रूप में धरती पर भेजा है – सम्पूर्ण कौशल, व्यक्तित्त्व , शरीर व बुद्धि के साथ  इसलिए हमें  लक्ष्य व मार्ग दोनों स्वयं ही तय करने हैं अपने विवेक से  न की दुसरों के कहने से। बहरे मेढंक की कहानी मेढकों का एक झुंड जंगल घूमने निकला। सैर करते-करते दो मेढक एक गहरे गड्ढ़े में गिर गए। ...

One day's Patriotism

एक दिन  की देशभक्ति  शायद  आप ये सोच रहे  होंगे    की ये दिन की  देशभक्ति क्या है ? तो ये वो देशभक्ति है जो 15 अगस्त या 26 जनवरी को पैदा होती है और अगले ही दिन गायब  हो जाती है।  ये हमारे देश का कड़वा सच  है  की ज्यादातर लोग अब एक दिन के देशभक्त बन कर रह गए है।   कल से ही मोबाईल पर मेसेज आने शुरू हो ग ए  थे और आज तों इन्बोक्स भर गया। कोई शहीदों की दुहाई दे रहा है तो कोई आज़ाद भारत की उपलब्धिया गिना रहा है। कुछ लोग शर्म के मारे मेसेज कर रहे थे क्यूँकि वो रोज डे, फलाना डे, ढिमका डे सबको विश करते है और कुछ तो केवल इसलिए मेसेज कर रहें  है की उन पर आरोप न लगे की वो देशभक्त नही है। वो भी  समय था जब हर व्यक्ति के अंदर सच्चा देशभक्त हुआ करता था। आज के इस आधुनिक समाज को न जाने क्या हो गया है।  देशभक्ति तो बस इतिहास के पन्ने में दफ़न  हो कर रह गयी है। अगस्त या जनवरी भी बाजार के  लिए किसी दिवाली से कम नहीं है आपको बाजार  में न  जाने  क्या क्या बिकता नजर आएगा। ...