इस होली खुशियाँ बिखेरें होली का त्यौहार आते ही बाजारों में रौनक छा जाती है। हर ओर सिर्फ रंग और पिचकारी की ही दुकानें दिखाई देती है। कहते है की त्यौहार खुशियां लेकर आते है पर गरीबों के लिए ये त्यौहार सिर्फ उन्हें नीचा दिखाने के लिए आते हैं। जिनके पास खाने को दो वक़्त की रोटी न हो वह त्यौहार कैसे मनाएंगे। हम तो बस अपने और अपने परिवारवालों के खुशियों के बारे में सोचते है , कभी आप खुद को उनकी जगह पर रख कर देखिये आप अंदाज़ा नहीं लगा सकते की आपको कितना दुख होगा। इतने दुःख सहने की बाद भी न जाने वो लोग कैसे मुस्करा लेते हैं ? न जाने इतनी हिम्मत उन्हें कौन देता है ? अमीर लोग लाखों पैसे उड़ाते है पर गरीबों के बारे में कोई नहीं सोचता है। आप के एक कदम से कई बच्चें खुश हो सकेंगे। आप जितना हो सके उतना खुशियां बाँटें। आप के एक सजोते से प्रयास से किसी एक भी चेहरे पर मुस्कान आ गयी तो जरा सोचिये वो आपको कितनी दुआएँ देंगे वो दुआ अमूल्य होगी। अपने बारे में तो सभी सोचते है इस बार दूसरों के बारें में भी सो...