धैर्य सफलता की कुंजी है
अक्सर हम जीवन की परिस्तिथियों से हार कर घुटने टेक लेते हैं। कभी-कभी हमारा मनोबल इतना गिर जाता है की हमें हर ओर सिर्फ निराशा ही दिखाई देती है।आज के वक़्त में हमारे पास धैर्य के बहुत कमी है, जमाना भी वही है इंस्टेंट चीजों का, लेकिन असली मजा तो धैर्य रखने में होता है हमे हर चीज तुरंत चाहिए होती है इंतजार करना तो हमने सीखा ही नहीं है।
आपने महसूस किया होगा कि जैसे ही हमारा मन धैर्य की नींव पर टिक जाता है, वैसे ही उसका भटकाव खत्म हो जाता है। जाहिर है कि हम जो अपना आन्तरिक संतुल खोते हैं, वह इसलिए खोते हैं, क्योंकि हमारा मन भटक जाता है। हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हमारे धैर्य का सीधा संबंध न केवल हृदय और मन से ही होता है, बल्कि हमारी चेतना से भी होता है। आपने महसूस किया होगा कि यदि आप हड़बड़ी में पढ़ाई करते हैं, तो चीज़ें अच्छी तरह समझ में नहीं आतीं।आपका अनुभव रहा होगा कि हड़बड़ी में किये गये काम अक्सर गड़बड़ा जाते हैं क्योंकि वो कहते है न की " जल्दी का काम शैतान का "।किसी काम को करने में चाहे कितना भी वक़्त लगे पर उसे हमेशा पूर्णता (परफेक्शन) से करें। बगुला (crane) पक्षी बिना धैर्य खोये नदी में एक जगह पर काफी देर तक खड़ा रहता है जिस वजह से वह मछली पकड़ पाता है।
कारीगर की कहानी :-
एक समय एक कारीगर हुआ करता था जो बहुत अच्छा घर बनाता था। वह बूढ़ा हो चूका था, उसके रिटायर होने का दिन निकट ही था। उसके मालिक ने उस से एक सुन्दर घर बनाने को कहा। यह सुन कर उसे कुछ अजीब लगा की मालिक अब मुझे बुढ़ापे में भी चैन के सांस नहीं लेने देंगे पर उसने किसी तरह जल्दीबाज़ी में जैसे तैसे वो घर बना दिया पर जब उसके रिटायर होने का दिन आया उसके मालिक ने उसे वही घर तोहफे में दिया यह देख कर उसे बहुत बुरा लगा की उसने बेमन से वो घर बनाया , वो घर बहुत ही बदसूरत था। उसे बहुत धक्का लगा की जो दूसरों के लिए सुन्दर-सुन्दर घर बनाया करता था और खुद के लिए इतना बदसूरत घर। और अब वह काफी बूढ़ा हो चूका था और मेहनत करने की उसमे हिम्मत न थी।
किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उतावला न होकर जो धैर्यवान व्यक्ति दृढतापूर्वक धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं वे अवश्य सफल होते हैं। इसके विपरित जो व्यक्ति छलाँग लगाकर जल्दी ही लक्ष्य प्राप्त करने की जल्दीबाजी करते हैं वे हमेशा असफल रहकर उपहास के पात्र बन जाते हैं। तो आप भी सब्र रखिये आप भी अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचेंगे बस धैर्य और ईश्वर विश्वाश रखें आपके सारे सपने सच होंगे आप की मेहनत व्यर्थ कभी नहीं जाएगी।
एक समय एक कारीगर हुआ करता था जो बहुत अच्छा घर बनाता था। वह बूढ़ा हो चूका था, उसके रिटायर होने का दिन निकट ही था। उसके मालिक ने उस से एक सुन्दर घर बनाने को कहा। यह सुन कर उसे कुछ अजीब लगा की मालिक अब मुझे बुढ़ापे में भी चैन के सांस नहीं लेने देंगे पर उसने किसी तरह जल्दीबाज़ी में जैसे तैसे वो घर बना दिया पर जब उसके रिटायर होने का दिन आया उसके मालिक ने उसे वही घर तोहफे में दिया यह देख कर उसे बहुत बुरा लगा की उसने बेमन से वो घर बनाया , वो घर बहुत ही बदसूरत था। उसे बहुत धक्का लगा की जो दूसरों के लिए सुन्दर-सुन्दर घर बनाया करता था और खुद के लिए इतना बदसूरत घर। और अब वह काफी बूढ़ा हो चूका था और मेहनत करने की उसमे हिम्मत न थी।
किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उतावला न होकर जो धैर्यवान व्यक्ति दृढतापूर्वक धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं वे अवश्य सफल होते हैं। इसके विपरित जो व्यक्ति छलाँग लगाकर जल्दी ही लक्ष्य प्राप्त करने की जल्दीबाजी करते हैं वे हमेशा असफल रहकर उपहास के पात्र बन जाते हैं। तो आप भी सब्र रखिये आप भी अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचेंगे बस धैर्य और ईश्वर विश्वाश रखें आपके सारे सपने सच होंगे आप की मेहनत व्यर्थ कभी नहीं जाएगी।


Patience backed by persistence can bring out great results.
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