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Social Media's Impact in our life

 हमारे जीवन पर सोशल मीडिया का प्रभाव

आज कल की दुनिया में हम  सोशल मीडिया से एक पल में हज़ारो दोस्त बना सकते है पर इस बात की कोई गारंटी नहीं की वो दोस्त कितना सच्चा है?
आज इंटरनेट  के युग में न जाने हम कितनी दूर चले आये है उन सभी पल से जो हम अपने दोस्तों, परिवार और रिश्तेदारों के संग बिताया करते थे | आज की पीढ़ी में हम एक ही क्लिक से ऑनलाइन मित्र बना रहे हैं। हम नहीं जानते कि वे कितने वफादार हैं?



आज के युग में हमारी सच्ची दोस्ती न जाने कहाँ खो गयी है , वो टपरी वाली चाय , वो शाम को मैदान का क्रिकेट, वो गिल्ली डंडा, वो पेड़ से आम चुरा के खाना , वो परिवार के संग घूमना मस्ती करना ये सब जाने कहाँ खो गया है। सोशल मीडिया पर वक़्त बिताना बुरा नहीं है पर जिंदगी को खुल के जीना भी जरुरी है अपने यार दोस्तों के संग अपने रिश्तेदारों के संग।
नहीं तो हम कितने अकेले हो जायेंगे ये हम खुद नहीं जानते असली जीवन तो चार दीवारों के बाहर है बस जरुरत है तो उस जीवन को जीने की। तो इंतजार किस बात का है सोशल मीडिया से बाहर आइये और कुछ पल अपने दोस्तों , रिश्तेदारों और परिवार के संग बिताये।

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